Penny Stock : SVP Global Textiles एक स्मॉल‑कैप टेक्सटाइल कंपनी है, जिसका शेयर आजकल फिर से चर्चा में है क्योंकि कुछ ही दिनों में इसमें जबरदस्त तेजी देखी गई है। 26 नवंबर 2025 तक कंपनी का शेयर प्राइस लगभग ₹5.7 के आसपास दिख रहा था, जबकि एक हफ्ते पहले यह करीब ₹3.5–₹4 के रेंज में घुम रहा था, यानी कुछ ही दिनों में लगभग 50–60 प्रतिशत तक की तेज उछाल दर्ज हुई है।
शेयर प्राइस, 52‑week range
नवंबर 2025 के अंत में SVP Global Textiles का शेयर NSE पर करीब ₹5.7 और BSE पर भी लगभग इसी स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा है। पिछले 1 साल में इस स्टॉक ने करीब ₹2.37 का 52‑week low और लगभग ₹7.41 का 52‑week high बनाया है, यानी अभी का प्राइस अपने वार्षिक हाई से नीचे, लेकिन लो से काफी ऊपर चल रहा है। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹60–72 करोड़ के दायरे में आंका जा रहा है, जो इसे एक छोटी कैटेगरी का penny stock बनाता है।
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हाल की तेज़ रैली
नवंबर 2025 में कुछ सेशंस के दौरान इस शेयर ने लगातार 20% upper circuits लगाए हैं, जिसकी वजह से 4–5 ट्रेडिंग सेशंस में ही स्टॉक लगभग 60–62 प्रतिशत तक चढ़ गया। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ दिनों पहले यह शेयर लगभग ₹3.5–₹3.8 के स्तर पर था, जो तेजी के बाद बढ़कर ₹5.7 तक पहुंच गया और intraday में upper circuit लगने की वजह से ट्रेडिंग लिमिट पर रुक गया। इतनी तेज़ मूवमेंट के बावजूद यह अभी भी अपने 2017 के पीक प्राइस से 90% से ज्यादा नीचे है, यानी long‑term गिरावट बहुत बड़ी रही है।
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कंपनी के financials
फाइनेंशियल डेटा देखने पर पता चलता है कि कंपनी की हालत अभी भी चुनौतीपूर्ण है। Q2 FY26 (सितंबर 2025 तिमाही) में SVP Global Textiles की कुल income शून्य के आसपास रिपोर्ट हुई, जबकि पिछले कुछ क्वार्टर में यह कुछ करोड़ रुपये के स्तर पर थी, यानी revenue में 100% तक की गिरावट दिख रही है। इसी तिमाही में कंपनी ने लगभग ₹50–51 करोड़ का net loss दर्ज किया और प्रति शेयर आय (EPS) लगभग -₹4.01 रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में EPS -₹5.03 के आसपास थी, यानी घाटा अभी भी भारी है, सिर्फ base effect की वजह से year‑on‑year थोड़ा सुधार दिखता है।
पिछले साल की बिक्री
FY25 में और उससे पहले के सालों में कंपनी की सालाना बिक्री में लगातार गिरावट देखी गई है। मार्च 2021 में जहां consolidated revenue लगभग ₹1,400 करोड़ से ज्यादा था, वहीं मार्च 2024–2025 के आसपास यह घटकर ₹100 करोड़ से भी कम के स्तर पर पहुंच गया, जिससे business scale में बड़ी contraction दिखाई देती है। साथ ही हाल के कुछ क्वार्टर में कंपनी ने सैकड़ों करोड़ रुपये के accumulated losses रिपोर्ट किए हैं, जिससे net worth और book value काफी कमजोर हो चुकी है और TTM EPS बहुत negative दिख रहा है।
valuation, risk
कम कीमत होने के बावजूद स्टॉक का price to book ratio बहुत ऊंचा, लगभग 30 के आसपास दिखाया गया है, क्योंकि book value प्रति शेयर करीब ₹0.21 के आसपास ही बची है। TTM EPS -₹70 से ज्यादा negative होने की वजह से पारंपरिक P/E ratio meaningful नहीं है और company loss‑making zone में है। इतनी कमजोर fundamentals के बावजूद हाल की तेज रैली बताती है कि इस स्टॉक में फिलहाल trading interest, low float और speculative buying की भूमिका ज्यादा दिख रही है, जिसकी वजह से छोटी खबर या momentum पर भी price में 20% तक daily move आ जाता है।
Disclaimer
यह लेख केवल शैक्षणिक और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है। निवेश से पहले अपनी रिसर्च अवश्य करें और जरूरत हो तो अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।